My Poem : तलाश

तलाश

 

आज

फिर दिल धड़का..

आज

फिर सांस आयी..

जरा देंखू

क्या  बाकी है..

जिंदगी

क्यूँ फिर  लौट कर आई?

©मनीष ‘पाखी’

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